PM Kisan Yojana : 28 हजार पति-पत्नी ले रहे थे! किसान निधि का दोहरा लाभ, सरकार ने रिकवरी कर दी शुरू
PM Kisan Yojana:– प्रयागराज में चल रही! पीएम किसान सम्मन निधि योजना प्रक्रिया में। यह बात सामने आई है कि इस योजना का लाभ उठा रहे हैं कुछ ऐसे लाभार्थी जो असल में पति और पत्नी है। इन अपात्र लाभार्थियों की सूची कृषि विभाग ने भेज दी है केंद्र सरकार को। कुछ लाभार्थी माता-पुत्र या पिता-पुत्र भी है, यह भी पता चला है जांच में। इस गड़बड़ी की जानकारी सामने आई राशन कार्ड के ई-केवाईसी के माध्यम से।
Free Sauchalay Yojana : सरकार दे रही है! ₹25,000 की मदद, बनवाइए अब अपने घर में फ्री शौचालय!
सरकारी नियम के अनुसार अगर खेती की जमीन पति और पत्नी दोनों के नाम हो, या फिर दोनों चाहे खेती करते हो, लेकिन दंपति में से कोई एक ही हो सकता है पीएम किसान सम्मन निधि का हकदार। पीएम सम्मन निधि का लाभ लेते हुए प्रयागराज में कुछ ऐसे लाभार्थी पाए गए जो असलियत में पति और पत्नी है। केंद्र सरकार को भेज दी है इन अपात्र लाभार्थियों की सूची।
PM Kisan Yojana लगभग 8 लाख किसान है गंगापुर व यमुनापुर में। पीएम किसान सम्मन निधि का लाभ मिल रहा है इन 8 लाख में से 6.32 लाख किसानों को। 28628 लाभार्थियों की सूची जिले को भेजी गई थी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से। यह लाभार्थी अपात्र है इसकी आशंका जताई जा रही थी।
PAN Card New Rule : ₹1000 का जुर्माना भुगतेंगे पैन कार्ड धारक, जानिए सरकार का नया नियम
इन संदिग्ध लाभार्थियों की जांच कराई उप कृषि निदेशक पवन कुमार विश्वकर्मा ने। ज्यादातर लाभार्थी इसमें ऐसे निकले जो वर्तमान में पति और पत्नी है। यह भी सामने आया कि कुछ लाभार्थियों के बीच पिता-पुत्र और माता-पुत्र भी है शामिल।
PM Kisan Yojana अगर जमीन वर्ष 2019 के पहले दर्ज हुई हो, तो नियमों के अनुसार माता या पिता के साथ पुत्र भी ले सकते हैं पीएम किसान सम्मन निधि। इसके बाद जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन ट्रांसफर की गई है, वह नहीं हो सकता इस योजना का लाभार्थी। अब तक विभाग ने इसकी रिपोर्ट सत्यापन कराकर केंद्र सरकार को भेज दी है वापस। शासन स्तर से ही लिया जाएगा अब आगे का निर्णय।
खोल दी पोल राशन कार्ड ने ; PM Kisan Yojana
आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाती है पीएम किसान सम्मन निधि की किश्तें। ऐसे में उनके आधार कार्ड और राशन कार्ड दोनों की करवाई गई है ई-केवाईसी, और लिंक कराया गया है आधार से राशन कार्ड। शासन द्वारा जब इनको बारीकी से परखा गया तब पति और पत्नी दोनों का नाम राशन कार्ड में मिलने से उत्पन्न हुआ संदेह।
संदिग्ध लाभार्थियों की सूची भेजी गई थी केंद्र सरकार की ओर से और कराया गया है इनका सत्यापन। इसके बाद जानकारी प्राप्त हुई के कई लाभार्थी है पिता-पुत्र और पति-पत्नी। नियमों के अनुसार इन्हें नहीं मिल सकता योजना का लाभ। मुख्यालय भेज दी गई है जांच रिपोर्ट।
