Diwali Puja Muhurat Time : आज दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त जानें, 21 अक्टूबर को इस समय बना है लाभ योग, गणेश लक्ष्मी कुबेर पूजन से पाएंगे धन समृद्धि
आज 21 अक्टूबर को पूरे भारतवर्ष में दीपावली का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हर घर में माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा-अर्चना की जा रही है। इस वर्ष तिथियों के संयोग के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में दो दिन दिवाली मनाने का शुभ अवसर बन रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं आज दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त, प्रदोष काल, चौघड़िया, और लाभ योग की सम्पूर्ण जानकारी।
आज दिवाली क्यों मनाई जा रही है — दो अमावस्या तिथियों का संयोग
इस वर्ष दिवाली को लेकर लोगों में थोड़ी उलझन रही क्योंकि कार्तिक कृष्ण अमावस्या तिथि दो दिनों में पड़ रही है।
20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 45 मिनट पर अमावस्या तिथि का प्रारंभ हुआ था और यह 21 अक्टूबर की शाम 5 बजकर 55 मिनट तक बनी रहेगी।
इस कारण से कई स्थानों पर 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई, जबकि कई राज्यों में आज 21 अक्टूबर को भी दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है।
शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या तिथि प्रदोष काल तक रहने पर उसी दिन लक्ष्मी पूजन शुभ माना जाता है। इसलिए आज का दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
21 अक्टूबर को दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिवाली पूजन प्रदोष काल में स्थिर लग्न में करना अत्यंत शुभ होता है।
प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद लगभग 2 घंटे 24 मिनट तक का समय होता है, जब माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा से घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है।
आज का प्रदोष काल समय
- प्रारंभ: शाम 5 बजकर 55 मिनट
- समाप्ति: रात 8 बजकर 20 मिनट तक
स्थिर वृषभ लग्न का समय
- शुरुआत: शाम 7 बजकर 05 मिनट
- समाप्ति: रात 8 बजकर 53 मिनट
इस दौरान लक्ष्मी पूजन करने से अचल धन और स्थायी समृद्धि की प्राप्ति होती है।
लाभ चौघड़िया का शुभ संयोग
आज 21 अक्टूबर को एक और शुभ संयोग बन रहा है।
शाम 7 बजकर 20 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 55 मिनट तक “लाभ चौघड़िया” का समय रहेगा।
यह समय लक्ष्मी पूजन, कुबेर पूजन और दीप प्रज्वलन के लिए अत्यंत मंगलकारी है।
लाभ चौघड़िया में पूजा करने से धन-संपत्ति की वृद्धि, व्यवसाय में प्रगति और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है।
इस दौरान घर या दुकान में कुबेर पूजन के साथ बहीखाता पूजन (Account Book Worship) करने की परंपरा भी शुभ मानी जाती है।
आज का नक्षत्र और विशेष योग
- नक्षत्र: चित्रा नक्षत्र
- योग: सिद्ध योग
- चंद्रमा की स्थिति: तुला राशि में
चित्रा नक्षत्र में किया गया लक्ष्मी-गणेश पूजन व्यक्ति के जीवन में दीर्घकालिक सुख और ऐश्वर्य प्रदान करता है।
सिद्ध योग इस दिन को और अधिक मंगलमय एवं सफलता प्रदान करने वाला बनाता है।
दिवाली पूजन विधि — चरणबद्ध तरीका
शास्त्रों में दिवाली के दिन संपूर्ण विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने का विशेष महत्व बताया गया है।
यहां हम आपको बताते हैं आज के दिन पूजा करने की संपूर्ण विधि:
1. घर की शुद्धि और सजावट करें
- घर को स्वच्छ करें और दरवाजे पर रंगोली और दीप सजाएं।
- मुख्य द्वार पर आम और अशोक के पत्तों की तोरण लगाएं।
- प्रवेश द्वार के दोनों ओर शुभ-लाभ और स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं।
2. पूजन स्थल की तैयारी
- पूजन के लिए पूर्व दिशा या उत्तर दिशा की ओर मुख रखें।
- एक लाल या पीले कपड़े पर लकड़ी की चौकी रखें।
- चौकी पर माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
3. पूजन सामग्री
घी का दीपक, धूप, पुष्प, पान-सुपारी, कपूर, चावल, कुमकुम, गंगाजल, सिक्के, नवधान्य, मिष्ठान्न और नारियल रखें।
4. पूजन विधि
- सबसे पहले गणेश जी का आवाहन करें और उनका पूजन करें।
- इसके बाद माँ लक्ष्मी का ध्यान करें और लक्ष्मी स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करें।
- फिर कुबेर जी का पूजन करें और उनसे धन की स्थिरता की प्रार्थना करें।
- अंत में दीपदान करें — घर के हर कोने में दीप जलाएं ताकि अंधकार का नाश हो।
आज के शुभ योग में क्या करें और क्या न करें
क्या करें
✅ इस समय संपत्ति या वाहन की खरीदारी शुभ रहेगी।
✅ नई वस्तुओं की शुरुआत या निवेश लाभदायक रहेगा।
✅ सोने-चांदी की वस्तुएं खरीदना लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने वाला होता है।
✅ दान-पुण्य करें, विशेषकर गरीबों को दीप, वस्त्र या मिठाई दें।
क्या न करें
❌ किसी से वाद-विवाद न करें।
❌ कर्ज या उधार न दें।
❌ नकारात्मक बातें या कटु शब्दों का प्रयोग न करें।
लक्ष्मी पूजन मंत्र
लक्ष्मी पूजन के दौरान यह मंत्र जाप करने से लक्ष्मी कृपा शीघ्र प्राप्त होती है:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
कुबेर पूजन मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनं मे देहि दापय स्वाहा।
कुबेर पूजन के साथ यह मंत्र जाप करने से व्यवसाय में वृद्धि और धन का संचार होता है।
दीपावली का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
दिवाली का अर्थ केवल दीप जलाना नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की जीत और नकारात्मकता पर सकारात्मकता का प्रतीक है।
यह पर्व श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है, लेकिन इसके साथ यह माँ लक्ष्मी के पृथ्वी पर आगमन का दिन भी माना जाता है।
जो व्यक्ति सच्चे मन से प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करता है, उसके घर में सदा धन, सुख और समृद्धि बनी रहती है।
निष्कर्ष
आज 21 अक्टूबर का दिन दीपावली पूजन के लिए विशेष रूप से शुभ है।
शाम 7:05 से रात 8:53 बजे तक स्थिर वृषभ लग्न,
और 7:20 से 8:55 तक लाभ चौघड़िया का संयोग बन रहा है।
इस शुभ योग में लक्ष्मी-गणेश-कुबेर पूजन करने से
धन वृद्धि, आर्थिक स्थिरता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति निश्चित होती है।
आप सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ — माँ लक्ष्मी आपके जीवन को धन-धान्य और खुशियों से भर दें।
