LPG Crisis In Rajasthan : LPG संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला, गैस सप्लाई को लेकर बनाए 13 नए नियम, आज से ही लागू
LPG Crisis In Rajasthan: भजनलाल शर्मा सरकार ने कमर्शियल LPG सप्लाई को लेकर नई प्राथमिकता आधारित नीति लागू की है.गैस संकट और सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
ईरान इजरायल और अमेरिका का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. यहां लोगों को एलपीजी सिलेंडर की कमी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इन सबके बीच राजस्थान सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को लेकर नए नियम बनाए हैं.
दरअसल, भजनलाल शर्मा सरकार ने कमर्शियल LPG सप्लाई को लेकर नई प्राथमिकता आधारित नीति लागू की है. गैस संकट और सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.
सरकार के नए नियम के प्रमुख बिंदू:
उपभोक्ताओं को अब 40% से 100% तक गैस आवंटन किया जाएगा.
गैस आवंटन का आधार पिछले एक साल (अप्रैल 2025–फरवरी 2026) की औसत खपत होगा.
अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों को 100% गैस आवंटन मिलेगा.
होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और डेयरी सेक्टर को 60% आवंटन तय किया गया है.
मंदिर, शादी समारोह और कैटरिंग सेवाओं को 50% गैस मिलेगी.
औद्योगिक इकाइयों को सबसे कम यानी 40% गैस आवंटित की जाएगी.
जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए सेक्टरवार कैटेगरी बनाई गई है.
कॉमर्शियल LPG लेने के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है.
जहां PNG (पाइप नेचुरल गैस) उपलब्ध है, वहां इसके उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा.
छोटे विक्रेताओं और फूड कार्ट संचालकों को छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे.
जिला कलेक्टर की निगरानी में जरूरत के अनुसार अतिरिक्त गैस आवंटन किया जा सकेगा.
सरकार का उद्देश्य सीमित संसाधनों का संतुलित और प्रभावी वितरण सुनिश्चित करना है.
नीति ‘जरूरी सेवाएं पहले’ के सिद्धांत पर आधारित है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके.
यह नई नीति आज से लागू कर दी गई है.
जयपुर के 22 गोदाम इलाके में स्थित गैस एजेंसी के मैनेजर दिनेश शर्मा के मुताबिक सरकार के इस फैसले से तमाम लोगों को बड़ी राहत मिली है. दूसरी तरफ शहर के सोडाला इलाके में शर्मा भोजनालय नाम से रेस्टोरेंट चलाने वाले सोहन शर्मा का कहना है कि पटरी से पूरी तरह उतरा कारोबार अब धीरे धीरे संभलने की उम्मीद है.
कुल मिलाकर, राजस्थान सरकार की यह नई नीति ‘जरूरी सेवाएं पहले’ के सिद्धांत पर आधारित है. इससे जहां आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं व्यवसायिक सेक्टर को भी तय सीमा के भीतर गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी. कहा जा सकता है की नई गाइडलाइन से गैस संकट पूरी तरह खत्म तो नहीं होगा, लेकिन परेशानियों से जूझ रहे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी.
