150 units free electricity scheme : बड़े काम की है! मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना! कैसे 150 यूनिट फ्री बिजली के लिए करें अप्लाई, जानें पात्रता और बहुत कुछ
पंजीकृत उपभोक्ताओं को राजस्थान सरकार की इस खास योजना के तहत पोर्टल पर दर्ज करनी होगी अपनी छत की उपलब्धता की जानकारी। साथ ही उन्हें यह सहमति देनी होगी कि वे अपने घर की छत पर स्वयं रूफ टॉप सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं। इससे डिस्कॉम के पास यह रिकॉर्ड रहेगा कि कौन-कौन से उपभोक्ता सोलर इंस्टॉलेशन के लिए इच्छुक हैं। इसके बाद पात्र उपभोक्ता PM सूर्यघर पोर्टल पर पंजीकृत वेंडर्स के माध्यम से अपनी छत पर रूफ टॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल करवा सकेंगे।
150 units free electricity scheme : जानकारी
लोगों को सोलर ऊर्जा योजनाओं के प्रति लगातार जागरूक कर रही है राजस्थान सरकार। इसी दिशा में प्रदेश में चलाई जा रही है मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केंद्र सरकार की सब्सिडी का लाभ भी मिलता है। इस योजना के तहत जो उपभोक्ता अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाते हैं, उन्हें राज्य सरकार की ओर से दी जाती है अतिरिक्त सब्सिडी। govtschemes.in वेबसाइट के अनुसार, राजस्थान सरकार ने 1 अप्रैल 2023 को की थी इस योजना की शुरुआत। राजस्थान मुख्यमंत्री घरेलू विद्युत योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के निवासियों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना को राजस्थान मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली बिल योजना, राजस्थान फ्री इलेक्ट्रिसिटी स्कीम, राजस्थान चीफ मिनिस्टर फ्री इलेक्ट्रिसिटी स्कीम और राजस्थान 100 यूनिट नि:शुल्क बिजली योजना जैसे नामों से भी जाना जाता है।
150 units free electricity scheme : मुख्य विशेषताएं
राजस्थान सरकार की इस विशेष योजना के अंतर्गत पंजीकृत उपभोक्ताओं को अपनी घर की छत की उपलब्धता से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही उन्हें यह सहमति भी देनी होगी कि वे अपनी छत पर रूफ टॉप सोलर पैनल लगवाना चाहते हैं। इससे डिस्कॉम के पास यह स्पष्ट जानकारी रहेगी कि कौन-कौन से उपभोक्ता सोलर सिस्टम लगाने के इच्छुक हैं। इसके बाद पात्र उपभोक्ता PM सूर्यघर पोर्टल पर सूचीबद्ध वेंडर्स के माध्यम से अपने घर की छत पर रूफ टॉप सोलर सिस्टम की स्थापना करवा सकेंगे।
150 units free electricity scheme : कितनी सहायता देती है योजना?
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल पर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत भारत सरकार की ओर से प्रति संयंत्र 33,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं 3 किलोवाट क्षमता तक सोलर सिस्टम लगाने पर अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके अलावा, राजस्थान डिस्कॉम्स द्वारा 150 यूनिट फ्री बिजली योजना के तहत प्रति संयंत्र 17,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। इस तरह 1.1 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल उपभोक्ता के लिए पूरी तरह नि:शुल्क हो जाएगा। जो उपभोक्ता मुख्यमंत्री नि:शुल्क बिजली योजना में पंजीकृत नहीं हैं, वे भी पीएम सूर्यघर पोर्टल के माध्यम से वेंडर का चयन कर अपने घर पर रूफ टॉप सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। हालांकि, ऐसे उपभोक्ताओं को नियमानुसार केवल केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता ही प्राप्त होगी।
150 units free electricity scheme : पात्रता
* उपभोक्ता का नाम पहले से मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना में पंजीकृत होना चाहिए।
* उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी (Domestic Category) का होना अनिवार्य है।
* उपभोक्ता को अपनी खुद की छत पर 1.1 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाना होगा।
* सोलर संयंत्र की स्थापना केवल पीएम सूर्य घर पोर्टल पर पंजीकृत वेंडर के माध्यम से ही की जा सकेगी।
150 units free electricity scheme : आवेदन प्रक्रिया
– सबसे पहले 150unitmuftbijli.bijlimitra.com वेबसाइट पर जाएं
– अपने बिजली बिल पर दिए गए 12 अंकों का Key Number दर्ज करें
– आगे बढ़ने के लिए क्लिक करें और अपनी पात्रता की स्थिति जांचें
– पंजीकृत मोबाइल नंबर और ई-मेल पर प्राप्त OTP दर्ज कर पुष्टि करें
– पात्र होने पर अपनी जानकारी जांचें और छत पर जगह उपलब्ध है या नहीं, यह विकल्प चुनें
– नीचे दिए गए सभी नियम और शर्तें ध्यान से पढ़कर चेक बॉक्स पर टिक करें
– अंत में रजिस्ट्रेशन करें बटन पर क्लिक कर फॉर्म सबमिट करें
– सफल पंजीकरण होने पर स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज दिखाई देगा
150 units free electricity scheme : इन बातों का भी रखे ध्यान
डिस्कॉम की ओर से उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। सोलर रूफटॉप सिस्टम लगने के बाद उसकी देखरेख, सुरक्षा और नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह उपभोक्ता की होगी। वहीं नेट मीटरिंग और बिजली बिल से जुड़ी पूरी प्रक्रिया डिस्कॉम (जैसे JVVNL या संबंधित कंपनी) की निगरानी में पूरी की जाएगी। सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली का हिसाब नेट मीटरिंग सिस्टम के जरिए रखा जाएगा। उपभोक्ताओं को हर महीने 150 यूनिट तक शून्य बिल मिलेगा। अगर बिजली की खपत 150 यूनिट से ज्यादा होती है, तो अतिरिक्त यूनिट का भुगतान सामान्य दरों पर करना होगा। स्थापित सोलर संयंत्र का पूरा स्वामित्व उपभोक्ता के पास ही रहेगा।
