Gold-Silver Rate Today : सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिली है. सोमवार को एमसीएक्स पर दोनों कीमती धातुएं फिसलीं और चांदी अपने हाई से अब 2.02 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई है.
चांदी की कीमत खुलते ही धड़ाम
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सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में आई गिरावट के बारे में तो बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को MCX Silver Price 2,43,274 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था. वहीं सप्ताह के पहले दिन 5 मई की एक्सपायरी वाली इस चांदी का प्राइस खुलने के साथ ही टूटकर 2,37,190 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से चांदी 6,084 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई.
अगर चांदी के लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये करीब आधी कीमत (Silver Price Half) पर मिल रही है. बता दें कि जनवरी 2026 में ही सिल्वर प्राइस ने इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये का स्तर पार किया था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो के हाई पर पहुंची थी. यहां से लगातार क्रैश होते हुए चांदी (Silver Price Crash From High) अब इस स्तर तक आ चुकी है और ये इस लेवल से 2,02,147 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती मिल रही है.
Gold का दाम हाई से अब इतना कम
चांदी की तरह सोना भी अपने हाई लेवल से लगातार फिसला है. बीच-बीच में कीमतों में आई तेजी के बावजूद ये लाइफ टाइम हाई से काफी सस्ता बना हुआ है. बीते शुक्रवार को MCX पर 5 जून की एक्सपायरी वाला सोना 1,52,652 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को ये भी खुलने के साथ ही गिरकर 1,51,457 रुपये पर आ गया यानी ये कीमती पीली धातु 1,195 रुपये सस्ती हो गई.
बात हाई लेवल से गिरावट की करें, तो MCX Gold High 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जिसे इसने इस साल जनवरी महीने में ही छुआ था और चांदी की तरह इसकी कीमत भी हाई लेवल पर पहुंचने के बाद भरभराकर टूटी है. फिलहाल के ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 51,527 रुपये सस्ता है.
US-Iran युद्ध, फिर भी गिरावट
जब भी ग्लोबल टेंशन बढ़ती है, तो लोग सेफ हेवेन माने जाने वाले सोना-चांदी में निवेश को तरजीह देते हैं और इसके चलते कीमती धातुओं के दाम बढ़ने लगते हैं. लेकिन, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध से Global Tension हाई पर है और फिर भी सोना-चांदी टूट रहे हैं.
इसके पीछे के कारणों की बात करें, तो मिडिल ईस्ट युद्ध से बढ़ी होर्मुज टेंशन के बीच Crude Oil Price डरा रहे हैं, बीते दिनों सीजफायर के ऐलान के बाद धड़ाम हुए कच्चे तेल की कीमतों में फिर से उछाल आने लगा है और ये 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. ग्लोबल महंगाई का खतरा बढ़ा है और लोग अपने हाथ में कैश रखना चाहते हैं.
इसके अलावा, ग्लोबल निवेशक सुरक्षित मुद्रा ‘डॉलर’ की ओर रुख कर रहे हैं, जो युद्ध के दौरान लगातार मजबूत हुई है. मजबूत होते डॉलर और महंगाई के डर की वजह से ही जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी को रोक रहे हैं.
