Rajasthan Weather 2026 : आज भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, राजस्थान के इन जिलों में गदर मचाएगा मानसून
राजस्थान के कई जिलों में आज से मौसम वापस करवट बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 6 अगस्त से मानसून फिर सक्रीय होगा जिसका सबसे ज्यादा असर भरतपुर, जयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में दिखाई देगा।
जयपुर: राजस्थान में सुस्त पड़े मानसून के आज से एक बार फिर पूरी ताकत के साथ लौटने की संभावना बन गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, पूर्वी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में 6-7 अगस्त से एक नया परिसंचरण तंत्र विकसित हो रहा है। इस नए वेदर सिस्टम के असर से पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आएगी और झमाझम बारिश का नया दौर शुरू होगा।
भरतपुर, जयपुर, कोटा और अजमेर संभाग होंगे तरबतर
मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनी के मुताबिक, 7 से 10 अगस्त के दौरान राज्य के पूर्वी और मध्य भागों में बादलों की तगड़ी गरज-चमक देखने को मिलेगी। इस दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश इलाकों में मध्यम से लेकर कहीं-कहीं भारी तो कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
खास तौर पर जयपुर, दौसा, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़ और बांरा जिलों में तेज मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने व कई दौर की मूसलाधार बारिश होने का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
7 से 9 अगस्त को बीकानेर-जोधपुर में बढ़ेगा बारिश का दायरा
मरुधरा यानी पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों के लिए अगले 2 से 3 दिनों तक बारिश की गतिविधियों में थोड़ी नरमी बनी रहने की संभावना है। हालांकि, यह राहत क्षणिक होगी क्योंकि 7 से 9 अगस्त के दौरान इन इलाकों में भी मानसूनी तंत्र रंग दिखाएगा। 7 अगस्त के बाद जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में पुनः बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और आकाशीय बिजली की गर्जना के साथ बौछारें पड़ेंगी।
प्रशासन की अपील और बचाव के सुझाव
मौसम केंद्र जयपुर ने अचानक मौसम बिगड़ने, बिजली गिरने और जलभराव वाले क्षेत्रों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के समय लोहे के खंभों या पेड़ों के नीचे शरण न लें और सुरक्षित पक्के भवनों में रहें। खुले इलाकों, नदी-नालों और अंडरपास के पास पानी जमा होने की स्थिति में सावधानी बरतें।
