Rajasthan Weather News : राजस्थान में मूसलाधार बारिश का कहर! इन जिलों में रेड अलर्ट, मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
राजस्थान में अक्टूबर 2025 के अंतिम सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के लिए भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर राजस्थान तक
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब अब चक्रवाती तूफान ‘मोंथा (Montha)’ में बदल गया है, जो तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में इसके तीव्र चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना जताई जा रही है।
इसी बीच, मध्य-पूर्वी अरब सागर में एक और अवदाब सक्रिय है, जबकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत में प्रवेश कर चुका है। इन तीनों सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से राजस्थान में अगले दो दिन तक मौसम बिगड़ा रह सकता है।
राजस्थान के इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
27 और 28 अक्टूबर को राज्य के कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। विशेष रूप से निम्नलिखित संभागों में बारिश की तीव्रता अधिक रहेगी —
- उदयपुर संभाग
- कोटा संभाग
- जयपुर संभाग
- अजमेर संभाग
- जोधपुर संभाग
- भरतपुर संभाग
मौसम विभाग ने कोटा और उदयपुर संभाग के लिए भारी से अतिभारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
कृषि मौसम सलाह – किसानों के लिए जरूरी चेतावनी
राजस्थान के किसानों को मौसम विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों ने कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
- फसल कटाई अस्थायी रूप से रोक दें।
- खुले में रखे अनाज या भूसे को ढककर रखें।
- पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- बिजली के उपकरण और ट्रैक्टरों को खुले मैदानों में न रखें।
- बिजली गिरने की संभावना के समय खेतों में काम करने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण राजस्थान में 28 अक्टूबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 29 अक्टूबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने लगेगी।
29 से 30 अक्टूबर तक हल्की बारिश जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिणी और पूर्वी जिलों में 29 और 30 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। हालांकि, बीकानेर और शेखावाटी संभाग में मौसम शुष्क रहेगा।
वहां दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है, जबकि रात में हल्की ठंड महसूस की जा सकती है।
नवंबर के पहले सप्ताह तक रहेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह में दक्षिण राजस्थान में अभी भी रुक-रुक कर हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसका असर मुख्यतः बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों में देखने को मिलेगा।
इस दौरान खेतों में अधिक नमी रहने के कारण किसानों को सिंचाई और फसल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं और बिजली गिरने से सावधान रहें
मौसम विभाग ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
- अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
- बिजली गिरने, तेज हवाओं और जलभराव की स्थिति से बचें।
- वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि बारिश के दौरान सावधानीपूर्वक ड्राइव करें।
- निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
राजस्थान में मौसम के बदलते रुख का कृषि पर असर
बारिश का यह दौर धान, ग्वार, मूंगफली और बाजरे जैसी फसलों के लिए मिश्रित असर डाल सकता है।
- जहां कुछ इलाकों में मिट्टी की नमी बढ़ने से फायदा होगा, वहीं
- कटाई के बाद खेतों में रखी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश 30 अक्टूबर तक थम जाती है, तो रबी सीजन की बुवाई के लिए यह नमी लाभदायक साबित होगी।
राजस्थान में ठंड की दस्तक जल्द
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 30 अक्टूबर के बाद जब आसमान साफ होगा, तो रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। इससे राज्य में हल्की ठंड का असर शुरू हो जाएगा।
- उदयपुर और माउंट आबू में तापमान 14-15 डिग्री तक जा सकता है।
- जयपुर, अलवर और अजमेर में न्यूनतम तापमान 16-18 डिग्री तक रह सकता है।
राज्य सरकार की तैयारियां और चेतावनी
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन की स्थिति में तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
- SDRF और NDRF टीमों को सक्रिय किया गया है।
- 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी सक्रिय है, जहां लोग किसी भी आपात स्थिति की जानकारी दे सकते हैं।
- किसानों और ग्रामीणों को रेड अलर्ट क्षेत्रों में सतर्क रहने की अपील की गई है।
निष्कर्ष
राजस्थान में इस समय चक्रवाती तूफान मोंथा, अरब सागर के अवदाब और पश्चिमी विक्षोभ का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है। इससे राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने जैसी स्थितियां बनी हुई हैं।
27 और 28 अक्टूबर को सबसे ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है, खासकर कोटा और उदयपुर संभाग में।
29 अक्टूबर के बाद मौसम में सुधार की संभावना है, लेकिन किसानों और आम जनता को सावधानी और सतर्कता ही बरतनी चाहिए।
