Rates for diesel and ATF increased per litre :डीजल पर ₹14 लीटर और ATF पर ₹12.50 प्रति लीटर बढ़ी एक्सपोर्ट ड्यूटी, नई दरें आज से लागू
केंद्र सरकार ने सोमवार को डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी बढ़ा दी है। राजस्व विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, डीजल के निर्यात पर अब 14 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 12.5 रुपये प्रति लीटर की दर से एक्सपोर्ट ड्यूटी लगेगी। वहीं, पेट्रोल के एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू खपत के लिए बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क की दरें भी पहले की तरह स्थिर रखी गई हैं। संशोधित दरें मंगलवार यानी आज से लागू हो गई हैं। बता दें इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
हर पखवाड़े तय होती हैं दरें
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 27 मार्च से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) लगाना शुरू किया था। इन दरों की हर पखवाड़े यानी 15 दिन पर समीक्षा होती है और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल व एटीएफ की औसत कीमतों के आधार पर इन्हें संशोधित किया जाता है। इससे पहले एक जून को दरों में संशोधन किया गया था।
पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की सप्लाई पर क्या बोली सरकार
दूसरी ओर, पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को आश्वस्त किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और नेचुरल गैस की कमी नहीं है। एक प्रेस वार्ता में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नागरिकों और उद्योग जगत से ऊर्जा का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने बड़े इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर्स से कहा कि वे अपने उपभोक्ता पंपों से ही डीजल खरीदें, ताकि रिटेल आउटलेट पर दबाव कम किया जा सके।
रिटेल पंपों पर भीड़ कम करने के लिए अस्थायी आदेश
यह अपील इसलिए की गई क्योंकि सरकार ने रिटेल पंपों पर भीड़ कम करने के लिए एक अस्थायी आदेश जारी किया है। शर्मा ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई स्थिर बनी हुई है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। समस्या की जड़ खपत के पैटर्न में आया बदलाव है। मई महीने में लगभग 42 करोड़ लीटर डीजल, जो पहले बल्क या उपभोक्ता पंपों के जरिए जाता था, अचानक रिटेल आउटलेट की ओर शिफ्ट हो गया। इससे कुछ जगहों पर सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें देखने को मिलीं।
200 लीटर की लिमिट पर क्या बोली सरकार
आम उपभोक्ता को बचाने के लिए 11 जून को जारी बजट अधिसूचना के तहत रिटेल पर डीजल की बिक्री 200 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन तक सीमित कर दी गई। इंडस्ट्रियल और कमर्शियल उपभोक्ताओं को अपने लिए निर्धरित पंपों से सप्लाई लेने का निर्देश दिया गया है। सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह कोई कमी नहीं बल्कि करीब 90 दिनों की एक अस्थायी व्यवस्था है, जो आम नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए लागू की गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सभी को सतर्कता के साथ ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए।
