Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana : अब भूल जाओ बेटी की पढ़ाई और शादी की चिंता! लड़कियों की किस्मत बदलने आ गई राजस्थान की यह सरकारी योजना
Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana:- ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हिस्सा है सुकन्या समृद्धि योजना। अपनी बेटी के भविष्य के लिए इसमें माता-पिता सालाना जमा कर सकते हैं ₹250 से लेकर ₹1.5 लाख। योजना पर मिलता है 8.2% ब्याज, जो है बिल्कुल टैक्स-फ्री, और 21 साल बाद मिलती है पूरी राशि।
Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना को शुरू किया था राजस्थान समेत पूरे देश में बेटियों की शिक्षा और भविष्य को संवारने के उद्देश्य से। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का अहम हिस्सा है यह योजना। माता-पिता इस योजना के जरिए अपनी बेटी के नाम से खुलवा सकते हैं एक विशेष बचत खाता, जिसमें वे नियमित रूप से पैसे जमा कर सकते हैं। यह जमा राशि आगे चलकर काम आती है बेटी की पढ़ाई या शादी के समय।
Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana इसमें सालाना केवल ₹250 से लेकर ₹1.5 लाख तक की राशि जमा की जा सकती है, और यही है इस योजना का सबसे बड़ा फायदा। इस पर लागू होता है सरकार द्वारा तय किया गया ब्याज दर, जो कि फिलहाल है 8.2%। बेहतर रिटर्न मिलने के साथ यह स्कीम काफी सुरक्षित निवेश विकल्प भी मानी जाती है।
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Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana बालिका के 10 साल की उम्र से पहले खाता खुलवा सकते हैं उसके के माता-पिता या कानूनी अभिभावक। एक ही खाता खोला जा सकता है एक बेटी के नाम पर। यह खाता खोला जा सकता है किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में, और जरूरत पड़ने पर दूसरे शहर में भी ट्रांसफर कराया जा सकता है यह खता।
Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana इसमें जमा की गई राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज, दोनों ही आयकर अधिनियम की धारा 80c के तहत टैक्स फ्री है, और यह भी है इस योजना की एक सबसे खास बात। यानी इस योजना में निवेश के साथ मिलता है टैक्स में बचत का भी फायदा।
Rajasthan Sukanya Samruddhi Yojana खाते में जमा कुल राशि का 50% निकाला जा सकता है बालिका के 18 वर्ष आयु पूरे हो जाने पर। इस राशि का उपयोग बालिका के उच्च शिक्षण या शादी के लिए किया जा सकता है। पूरी राशि निकालने की सुविधा मिलती है खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष पूरे होने पर।
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खाताधारक की मृत्यु होने पर, या किसी गंभीर बीमारी का मामला सामने आने पर मिलती है खाते को समय से पहले बंद करने की अनुमति। मान लीजिए कि किसी वर्ष आप खाते में न्यूनतम राशि जमा नहीं कर पाते, तो इस स्थिति में आप ₹50 का जुर्माना भरकर दोबारा सक्रिय कर सकते हैं अपना खाता।
